Tuesday, April 27, 2010

मेरा हमसफ़र

ख्वाबो से उटकर आया,
दिल की गेहराई में छाया ।
खुशियों की बौरे खिलाया,
फूलो की खुशबू से सजाया ।


मन की ख़ामोशी को समझा,
हर आंसू को हंसाया ।
दिल की खायिशो को पूरा किया ,
पल - पल दिल के करीब पाया ।


बुनती रही मै सपने ,
तरसती रही रंग भरने ।
थाम के हाथ मेरा आपने ,
साथ दिया रंगीन करने ।


हर बार जब साथ चाहा ,
हर कदम आपको पाया।
आपकी चाहत का साया ,
हमेशा और करीब लाया ।


खुशनसीब हो जो मैंने,
सपनो से बढकर साथी पाया।
बस दुवा है भगवान से ,
हर जनम में बने मेरा हमसाया।
---सुमना







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