Tuesday, March 9, 2010

बारिश का जादू

गरज - गरज के बरस रहा है बारिश,
खिल रही है मन की प्यासी ख्वायिश।


महक रही है मिट्टी की खुशुबू,
जगाये साँसों में सामने की आरझूं।


मेंडक-पपीहा गाये सरगम,
दिल का तार बजाये तम-तम।


मुस्कुराये फूल मचल-मचल के,
जगे आशांये बदल-बदल के।


ठंडी हवा बालों को लहराये,
झिल-मिल बून्दे चूने को फ़रमाये।


छाने लगी दिल में हरियाली,
झूमे तन-मन में अन्गडाई।


छाया है मौसम का प्यार,
काश होता साथ मेरा यार।


बेचैनी कर दी दिल पे वार,
आये जादू की बारिश बार-बार।

-- सुमना

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