गरज - गरज के बरस रहा है बारिश,
खिल रही है मन की प्यासी ख्वायिश।
महक रही है मिट्टी की खुशुबू,
जगाये साँसों में सामने की आरझूं।
मेंडक-पपीहा गाये सरगम,
दिल का तार बजाये तम-तम।
मुस्कुराये फूल मचल-मचल के,
जगे आशांये बदल-बदल के।
ठंडी हवा बालों को लहराये,
झिल-मिल बून्दे चूने को फ़रमाये।
छाने लगी दिल में हरियाली,
झूमे तन-मन में अन्गडाई।
छाया है मौसम का प्यार,
काश होता साथ मेरा यार।
बेचैनी कर दी दिल पे वार,
आये जादू की बारिश बार-बार।
-- सुमना
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